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 प्रथम विश्व युद्ध के कारण और परिणाम 



प्रथम विश्व युद्ध के कारण और परिणाम पर चर्चा करें



प्रथम विश्व युद्ध: कारण और परिणाम - एक विस्तृत विश्लेषण

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प्रथम विश्व युद्ध के कारण और परिणाम - 1914-1918 का पूरा इतिहास | World War 1 in Hindi



प्रथम विश्व युद्ध के कारण (M.A.I.N - सैन्यवाद, गठबंधन, साम्राज्यवाद, राष्ट्रवाद) और विनाशकारी परिणामों का विस्तृत विश्लेषण। वर्साय संधि, राष्ट्र संघ और द्वितीय विश्वयुद्ध की पृष्ठभूमि।


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भूमिका: विश्व इतिहास का वह मोड़ जिसने सब कुछ बदल दिया


28 जून, 1914 की सर्जेवो की गोली ने न केवल आर्कड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड का, बल्कि शांतिपूर्ण विश्व का भी अंत कर दिया। प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) मानव इतिहास का पहला वैश्विक संघर्ष था जिसने 4 महाद्वीपों, 30 से अधिक देशों और 7 करोड़ सैनिकों को अपनी चपेट में ले लिया। यह युद्ध क्यों हुआ? इसके क्या परिणाम निकले? आइए, इस ऐतिहासिक घटना का गहन अध्ययन करें।


भाग 1: युद्ध के गहरे कारण - एक विस्फोटक मिश्रण


युद्ध का तात्कालिक कारण आर्कड्यूक की हत्या थी, लेकिन यूरोप दशकों से युद्ध की भट्टी में धीमी आँच पर पक रहा था। इतिहासकार इन कारणों को M.A.I.N. शब्द से याद रखते हैं।


1. सैन्यवाद (Militarism) - हथियारों की दौड़


· सेनाओं का विस्तार: 1870-1914 के बीच यूरोपीय देशों ने अपनी सेनाओं को दोगुना-तिगुना कर लिया।

· जर्मनी-ब्रिटेन नौसेना प्रतिस्पर्धा: जर्मन सम्राट विल्हेम द्वितीय चाहते थे कि जर्मन नौसेना ब्रिटिश नौसेना जितनी शक्तिशाली हो।

· युद्ध की मानसिकता: सेना प्रमुखों का प्रभाव बढ़ा। जर्मनी का श्लीफेन प्लान (फ्रांस को 42 दिनों में हराने की रणनीति) इसी सोच का परिणाम था।


2. गुप्त गठबंधन (Alliances) - विश्वयुद्ध का जाल


यूरोप दो विरोधी खेमों में बंट चुका था:


त्रिगुट त्रिराष्ट्र मैत्री

जर्मनी फ्रांस

ऑस्ट्रिया-हंगरी ब्रिटेन

इटली (बाद में बदल गया) रूस


समस्या: ये गठबंधन इतने कठोर थे कि एक देश के युद्ध में शामिल होने पर सभी सहयोगी देश युद्ध में कूद पड़ते थे। यह "सामूहिक आत्महत्या का समझौता" था।


3. साम्राज्यवाद (Imperialism) - उपनिवेशों की लूट


· नई भूख: औद्योगिक क्रांति के बाद कच्चे माल और नए बाजारों की तलाश।

· जर्मनी की ईर्ष्या: जर्मनी का एकीकरण 1871 में हुआ, जब उपनिवेशों की बंटवारा लगभग पूरा हो चुका था। वह ब्रिटेन और फ्रांस से उपनिवेश छीनना चाहता था।

· मोरक्को संकट (1905, 1911): फ्रांस और जर्मनी के बीच टकराव, यूरोप को युद्ध के कगार पर ले आया।


4. राष्ट्रवाद (Nationalism) - अतिरेकी भावनाएँ


· फ्रांस: 1871 में अलसास-लोरेन प्रांत जर्मनी को खोने का बदला लेना चाहता था।

· पैन-स्लाव आंदोलन: रूस सभी स्लाव जातियों (सर्बिया आदि) का रक्षक बनना चाहता था।

· बाल्कन - 'यूरोप का पाउडर केग': ऑस्ट्रिया-हंगरी बनाम सर्बिया का तनाव। सर्बिया बड़ा स्लाव राज्य बनना चाहता था।


5. तात्कालिक कारण: वह गोली जिसने युद्ध शुरू किया


· 28 जून 1914: बोस्नियाई सर्ब राष्ट्रवादी गावरिलो प्रिंसिप ने ऑस्ट्रिया के उत्तराधिकारी की हत्या कर दी।

· जुलाई संकट: ऑस्ट्रिया ने सर्बिया को 48 घंटे का कठोर अल्टीमेटम दिया।

· गठबंधनों का दुष्चक्र:

  1. ऑस्ट्रिया → सर्बिया पर युद्ध

  2. रूस → सर्बिया के समर्थन में सेना जुटाई

  3. जर्मनी → रूस और फ्रांस पर युद्ध

  4. ब्रिटेन → बेल्जियम पर हमले के बाद युद्ध में शामिल


4 अगस्त 1914 तक, यूरोप पूरी तरह युद्ध में डूब चुका था।


भाग 2: युद्ध की प्रमुख घटनाओं का संक्षिप्त कालक्रम


वर्ष प्रमुख घटना परिणाम

1914 युद्ध शुरू, श्लीफेन प्लान विफल, मार्ने की लड़ाई खाई युद्ध (ट्रेंच वॉरफेयर) शुरू

1915 गैलिपोली अभियान, जहरीली गैस का पहला प्रयोग भारी जानहानि, कोई निर्णायक लाभ नहीं

1916 वर्दून और सोम्मे की लड़ाई इतिहास के सबसे खूनी युद्ध, 20 लाख से अधिक हताहत

1917 अमेरिका का प्रवेश, रूस की क्रांति युद्ध का पलड़ा मित्र राष्ट्रों के पक्ष में झुका

1918 जर्मनी का अंतिम आक्रमण विफल, केंद्रीय शक्तियों का आत्मसमर्पण 11 नवंबर 1918 को युद्धविराम


भाग 3: युद्ध के दूरगामी परिणाम - एक नई विश्व व्यवस्था


1. मानवीय त्रासदी: अकल्पनीय क्षति


· जनहानि: 1.7 करोड़ से अधिक मृत, 2 करोड़ से अधिक घायल

· आर्थिक विनाश: यूरोप की अर्थव्यवस्था चरमरा गई, युद्ध पर 180 अरब डॉलर से अधिक खर्च

· मानसिक आघात: "लॉस्ट जनरेशन" - पूरी पीढ़ी युद्ध के सदमे में


2. राजनीतिक भूचाल: साम्राज्यों का पतन


चार महान साम्राज्यों का विघटन:


1. जर्मन साम्राज्य → वीमर गणराज्य

2. ऑस्ट्रिया-हंगरी → ऑस्ट्रिया, हंगरी, चेकोस्लोवाकिया आदि

3. रूसी साम्राज्य → सोवियत संघ (1917 की क्रांति)

4. ओटोमन साम्राज्य → तुर्की गणराज्य और मध्य पूर्व के नए देश


3. वर्साय की संधि (1919): एक विवादास्पद शांति


जर्मनी पर थोपे गए कठोर प्रावधान:


· युद्ध का दोष: अनुच्छेद 231 - जर्मनी को एकमात्र दोषी ठहराया गया

· क्षतिपूर्ति: 132 अरब गोल्ड मार्क्स (आज के 442 अरब डॉलर के बराबर)

· सैन्य प्रतिबंध: सेना 1 लाख सैनिकों तक सीमित, राइनलैंड में सेना पर प्रतिबंध

· क्षेत्रीय हानि: अलसास-लोरेन फ्रांस को, पोलैंड को भूमि, सभी उपनिवेश छीन लिए


परिणाम: जर्मनी में गहरा आक्रोश → हिटलर के उदय की पृष्ठभूमि


4. नई अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था


· राष्ट्र संघ की स्थापना: वुडरो विल्सन के 14 सिद्धांतों पर आधारित

· समस्या: अमेरिका कभी शामिल नहीं हुआ, कोई सैन्य बल नहीं, महत्वपूर्ण देश अनुपस्थित

· मध्य पूर्व का पुनर्निर्माण: साइक्स-पिकॉट समझौते (1916) के आधार पर कृत्रिम सीमाएँ → आज तक के संघर्षों का कारण


5. सामाजिक-आर्थिक क्रांति


· महिलाओं का उत्थान: युद्ध के दौरान कारखानों में काम → मताधिकार आंदोलन को बल

· श्रमिक आंदोलन: समाजवादी विचारों का प्रसार, रूसी क्रांति से प्रेरणा

· तकनीकी विकास: विमान, टैंक, रेडियो, चिकित्सा में प्रगति


6. द्वितीय विश्वयुद्ध की बीज रोपण


1. वर्साय संधि से जर्मनी में अपमान और आक्रोश

2. इटली और जापान को युद्ध में समर्थन का पर्याप्त लाभ नहीं मिला

3. आर्थिक मंदी (1929) ने अस्थिरता बढ़ाई

4. राष्ट्र संघ अंतर्राष्ट्रीय संघर्ष रोकने में विफल


भाग 4: भारत पर प्रभाव


· 13 लाख भारतीय सैनिकों ने युद्ध में भाग लिया, 74,000 शहीद हुए

· आर्थिक दबाव: युद्ध व्यय के लिए करों में भारी वृद्धि

· राजनीतिक जागरण: युद्ध के बाद कठोर दमन (रॉलेट एक्ट) → असहयोग आंदोलन की नींव

· असफल अपेक्षाएँ: युद्ध में समर्थन के बदले स्वशासन की आशा पर पानी फिरा


निष्कर्ष: इतिहास की सबसे बड़ी शिक्षा


प्रथम विश्व युद्ध कोई दुर्घटना नहीं थी। यह दशकों की गलत नीतियों, अतिरेकी राष्ट्रवाद और कूटनीतिक विफलताओं का परिणाम था। इसका सबसे बड़ा सबक यह है कि:


"कड़े सैन्य गठबंधन, बेलगाम हथियार प्रतिस्पर्धा और अन्यायपूर्ण शांति समझौते कभी भी स्थायी शांति स्थापित नहीं कर सकते।


युद्ध के परिणामों ने 20वीं सदी की राजनीति को इस तरह आकार दिया कि 1939 में द्वितीय विश्वयुद्ध अपरिहार्य हो गया। आज के वैश्विक संघर्षों, मध्य पूर्व की सीमाओं, और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की संरचना में हम अभी भी प्रथम विश्व युद्ध की छाया देख सकते हैं।


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परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य


· तिथियाँ: 28 जून 1914 (हत्या), 28 जुलाई 1914 (युद्ध शुरू), 11 नवंबर 1918 (युद्धविराम)

· प्रमुख संधियाँ: वर्साय (जर्मनी), सेन्ट-जर्मेन (ऑस्ट्रिया), त्रियानॉन (हंगरी)

· नए देश: पोलैंड, चेकोस्लोवाकिया, यूगोस्लाविया, फिनलैंड, एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया

· भारतीय प्रभाव: 1919 का मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार, रॉलेट एक्ट, जलियाँवाला बाग हत्याकांड


यह युद्ध हमें सिखाता है कि राष्ट्रीय हितों के साथ-साथ वैश्विक जिम्मेदारी, समझौते की भावना और संवाद का मार्ग ही स्थायी शांति का आधार है।



प्रथम विश्व युद्ध के 10 प्रमुख कारण और 10 प्रमुख परिणाम


10 प्रमुख कारण:


1. सैन्यवाद: यूरोपीय देशों द्वारा बड़ी सेनाएँ और नौसेनाएँ खड़ी करना, जिससे हथियारों की दौड़ शुरू हुई।


2. गुप्त गठबंधन: त्रिगुट (जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी, इटली) और त्रिराष्ट्र मैत्री (ब्रिटेन, फ्रांस, रूस) के बीच विरोध।


3. साम्राज्यवाद: उपनिवेशों और संसाधनों के लिए यूरोपीय शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा।


4. राष्ट्रवाद: अतिरेकी देशभक्ति और फ्रांस का अलसास-लोरेन प्रांत वापस पाने की इच्छा।


5. बाल्कन क्षेत्र में तनाव: "यूरोप का पाउडर केग" - ऑस्ट्रिया-हंगरी और सर्बिया के बीच संघर्ष।


6. आर्कड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या: 28 जून 1914 को सर्बियाई राष्ट्रवादी द्वारा हत्या - तात्कालिक कारण।


7. जर्मनी की आक्रामक नीतियाँ: कैसर विल्हेम द्वितीय की विस्तारवादी महत्वाकांक्षाएँ।


8. प्रेस और जनता का उन्माद: अखबारों द्वारा युद्ध के पक्ष में माहौल बनाना।


9. श्लीफेन योजना: जर्मनी की पूर्व निर्धारित युद्ध रणनीति जिसने युद्ध को तेजी से फैलाया।


10. कूटनीतिक विफलता: जुलाई 1914 के संकट के दौरान शांति बचाने के प्रयासों की विफलता।


10 प्रमुख परिणाम:


1. अभूतपूर्व जनहानि: लगभग 2 करोड़ मौतें (1 करोड़ सैनिक + 1 करोड़ नागरिक) और 2.1 करोड़ घायल।


2. वर्साय की संधि: जर्मनी पर कठोर शर्तें थोपी गईं, जिससे उसमें आक्रोश पैदा हुआ।


3. चार साम्राज्यों का पतन: जर्मन, ऑस्ट्रिया-हंगरी, रूसी और ओटोमन साम्राज्य समाप्त हुए।


4. नए देशों का उदय: पोलैंड, चेकोस्लोवाकिया, यूगोस्लाविया, फिनलैंड, बाल्टिक देश आदि अस्तित्व में आए।


5. रूसी क्रांति: 1917 की बोल्शेविक क्रांति - ज़ार का शासन समाप्त, दुनिया की पहली साम्यवादी सरकार स्थापित।


6. राष्ट्र संघ की स्थापना: अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखने के लिए, लेकिन यह कमज़ोर संगठन साबित हुआ।


7. अमेरिका की महाशक्ति के रूप में उभर: यूरोप कमजोर हुआ तो अमेरिका प्रमुख शक्ति बना।


8. आर्थिक तबाही: यूरोप की अर्थव्यवस्था ध्वस्त, युद्ध ऋण, महामंदी की पृष्ठभूमि तैयार हुई।


9. सामाजिक बदलाव: महिलाओं को मताधिकार मिला, वर्ग संरचना में परिवर्तन, "लॉस्ट जनरेशन" की अवधारणा।


10. द्वितीय विश्व युद्ध की नींव: वर्साय संधि से पैदा हुआ जर्मन आक्रोश हिटलर के उदय और द्वितीय विश्व युद्ध का मुख्य कारण बना।


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परीक्षा के लिए विशेष टिप्स:


· कारणों को M.A.I.N. (Militarism, Alliances, Imperialism, Nationalism) से याद रखें

· परिणामों को राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और दीर्घकालीन श्रेणियों में बाँटकर समझें

· तिथियाँ: युद्ध 28 जुलाई 1914 से 11 नवंबर 1918 तक चला

· भारत पर प्रभाव: 13 लाख भारतीय सैनिकों ने भाग लिया, युद्ध के बाद स्वराज की माँग तेज़ हुई


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✍️ प्रथम विश्व युद्ध के कारण और परिणाम (१५ अंकों का परीक्षा-उपयोगी उत्तर)


🔹 भूमिका


प्रथम विश्व युद्ध 1914 से 1918 तक चला और यह आधुनिक विश्व का पहला महायुद्ध था। इसमें यूरोप की लगभग सभी प्रमुख शक्तियाँ शामिल थीं। इस युद्ध ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति, समाज और अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाला।


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 प्रथम विश्व युद्ध के प्रमुख कारण


 उग्र राष्ट्रवाद


यूरोप में राष्ट्रवाद की भावना अत्यंत तीव्र हो चुकी थी। विशेष रूप से बाल्कन क्षेत्र में सर्बिया और अन्य स्लाव राष्ट्र अपनी स्वतंत्रता और विस्तार के लिए संघर्ष कर रहे थे, जिससे ऑस्ट्रिया-हंगरी के साथ टकराव बढ़ा।


साम्राज्यवाद की प्रतिस्पर्धा


ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे देश एशिया और अफ्रीका में उपनिवेशों पर अधिकार करने की दौड़ में लगे थे। इस प्रतिस्पर्धा ने यूरोपीय देशों के बीच अविश्वास और शत्रुता को जन्म दिया।


 सैन्यवाद और हथियारों की दौड़


यूरोपीय देशों ने अपनी सेनाओं को अत्यधिक सशक्त बनाया और आधुनिक हथियारों का भंडारण किया। सैन्य शक्ति को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जाने लगा।


 गुप्त संधियाँ और गुटबंदी


यूरोप दो विरोधी गुटों में विभाजित हो गया—


त्रिगुट: जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी, इटली


त्रिगुटी: ब्रिटेन, फ्रांस, रूस

इन संधियों के कारण किसी एक देश का संघर्ष पूरे यूरोप को युद्ध में झोंक सकता था।



 तात्कालिक कारण: सारायेवो हत्याकांड


1914 में ऑस्ट्रिया-हंगरी के युवराज आर्चड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड की सर्बिया के राष्ट्रवादी युवक द्वारा हत्या कर दी गई। इस घटना ने युद्ध को तुरंत भड़का दिया।


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 प्रथम विश्व युद्ध के प्रमुख परिणाम


 अपार जन-धन की हानि


इस युद्ध में लगभग एक करोड़ से अधिक सैनिक मारे गए और करोड़ों घायल हुए। कई शहर और गाँव पूरी तरह नष्ट हो गए।


 पुराने साम्राज्यों का अंत


जर्मन, ऑस्ट्रो-हंगेरियन, रूसी और ऑटोमन साम्राज्य समाप्त हो गए। यूरोप का राजनीतिक मानचित्र पूरी तरह बदल गया।


 वर्साय की संधि


जर्मनी पर कठोर शर्तें लगाई गईं—क्षेत्रीय नुकसान, भारी युद्ध क्षतिपूर्ति और सैन्य प्रतिबंध। इससे जर्मनी में असंतोष बढ़ा, जिसने आगे चलकर द्वितीय विश्व युद्ध को जन्म दिया।


 राष्ट्र संघ की स्थापना


विश्व में स्थायी शांति बनाए रखने के उद्देश्य से राष्ट्र संघ (League of Nations) की स्थापना की गई, हालांकि यह अपने उद्देश्यों में पूरी तरह सफल नहीं हो सका।


 सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन


युद्ध के बाद लोकतंत्र का विस्तार हुआ, महिलाओं की सामाजिक भूमिका बढ़ी और कई नए राष्ट्रों का उदय हुआ।

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 निष्कर्ष


प्रथम विश्व युद्ध ने यह सिद्ध कर दिया कि संकीर्ण राष्ट्रवाद, सैन्यवाद और अन्यायपूर्ण संधियाँ विश्व शांति के लिए अत्यंत घातक हैं। इस युद्ध ने न केवल तत्कालीन विश्व व्यवस्था को बदला, बल्कि भविष्य के संघर्षों की नींव भी रखी।


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✍️ प्रथम विश्व युद्ध के कारण और परिणाम (१० अंकों का परीक्षा-उपयोगी नोट्स)


 भूमिका


प्रथम विश्व युद्ध (1914–1918) इतिहास का पहला ऐसा युद्ध था जिसमें विश्व के अनेक देश शामिल हुए। इस युद्ध ने न केवल यूरोप बल्कि पूरे विश्व की राजनीति, अर्थव्यवस्था और समाज को गहराई से प्रभावित किया।


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🟢 प्रथम विश्व युद्ध के प्रमुख कारण


1️⃣ राष्ट्रवाद


यूरोप में उग्र राष्ट्रवाद की भावना फैल चुकी थी। बाल्कन क्षेत्र में सर्बिया जैसे देश अपनी स्वतंत्रता और विस्तार चाहते थे, जिससे ऑस्ट्रिया-हंगरी से तनाव बढ़ा।


2️⃣ साम्राज्यवाद


बड़े यूरोपीय देश उपनिवेशों पर अधिकार करने की होड़ में लगे थे। उपनिवेशों के लिए प्रतिस्पर्धा ने आपसी शत्रुता को जन्म दिया।


3️⃣ सैन्यवाद और हथियारों की दौड़


देशों ने अपनी सेनाओं को मजबूत किया और आधुनिक हथियार जमा किए। इससे युद्ध का वातावरण बन गया।


4️⃣ गुप्त संधियाँ और गठबंधन


यूरोप दो प्रमुख गुटों में बँट गया—


त्रिगुट (जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी, इटली)


त्रिगुटी (ब्रिटेन, फ्रांस, रूस)

इन गठबंधनों ने युद्ध को व्यापक बना दिया।



5️⃣ तत्काल कारण: सारायेवो हत्याकांड


1914 में ऑस्ट्रिया के युवराज फ्रांज फर्डिनेंड की सर्बिया में हत्या हो गई। यही घटना युद्ध का तत्काल कारण बनी।



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🔵 प्रथम विश्व युद्ध के प्रमुख परिणाम


1️⃣ भारी जन-धन की हानि


इस युद्ध में लगभग 1 करोड़ से अधिक लोग मारे गए और लाखों घायल हुए।


2️⃣ पुराने साम्राज्यों का पतन


जर्मन, ऑस्ट्रो-हंगेरियन, ऑटोमन और रूसी साम्राज्य समाप्त हो गए।


3️⃣ वर्साय की संधि


जर्मनी पर कठोर शर्तें थोप दी गईं, जिससे उसमें असंतोष फैला और भविष्य में द्वितीय विश्व युद्ध की नींव पड़ी।


4️⃣ राष्ट्र संघ की स्थापना


विश्व में शांति बनाए रखने के लिए राष्ट्र संघ (League of Nations) की स्थापना की गई।


5️⃣ राजनीतिक और सामाजिक परिवर्तन


लोकतंत्र का विस्तार हुआ, महिलाओं की भूमिका बढ़ी और कई नए राष्ट्र बने।



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🔶 निष्कर्ष


प्रथम विश्व युद्ध ने यह स्पष्ट कर दिया कि सैन्यवाद, संकीर्ण राष्ट्रवाद और असमान संधियाँ विश्व शांति के लिए घातक हैं। इस युद्ध के परिणामों ने विश्व इतिहास की दिशा बदल दी।



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ज़रूर। नीचे प्रथम विश्व युद्ध (1914–1918) पर आधारित परीक्षा-उपयोगी MCQ सेट दिया गया है। यह सेट बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा और रिविज़न—तीनों के लिए उपयुक्त है।



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📝 MCQ सेट : प्रथम विश्व युद्ध


(कक्षा 9–12 | बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा)


1️⃣ प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत किस वर्ष हुई थी?


A. 1912

B. 1913

C. 1914

D. 1915


✔ सही उत्तर: C



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2️⃣ प्रथम विश्व युद्ध का तात्कालिक कारण क्या था?


A. साम्राज्यवाद

B. राष्ट्रवाद

C. गुप्त संधियाँ

D. सारायेवो हत्याकांड


✔ सही उत्तर: D



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3️⃣ आर्चड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड किस देश के युवराज थे?


A. जर्मनी

B. इटली

C. ऑस्ट्रिया-हंगरी

D. रूस


✔ सही उत्तर: C



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4️⃣ फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या किस देश में हुई थी?


A. सर्बिया

B. बोस्निया (सारायेवो)

C. क्रोएशिया

D. बुल्गारिया


✔ सही उत्तर: B



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5️⃣ त्रिगुट (Triple Alliance) में कौन-सा देश शामिल नहीं था?


A. जर्मनी

B. ऑस्ट्रिया-हंगरी

C. ब्रिटेन

D. इटली


✔ सही उत्तर: C



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6️⃣ त्रिगुटी (Triple Entente) में कौन-सा देश शामिल था?


A. जर्मनी

B. फ्रांस

C. ऑस्ट्रिया-हंगरी

D. इटली


✔ सही उत्तर: B



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7️⃣ प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इटली ने किस गुट का साथ दिया?


A. त्रिगुट

B. त्रिगुटी

C. तटस्थ रहा

D. किसी का नहीं


✔ सही उत्तर: B



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8️⃣ वर्साय की संधि किस देश पर लागू की गई थी?


A. फ्रांस

B. ब्रिटेन

C. जर्मनी

D. रूस


✔ सही उत्तर: C



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9️⃣ वर्साय की संधि किस वर्ष हुई थी?


A. 1918

B. 1919

C. 1920

D. 1921


✔ सही उत्तर: B



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🔟 प्रथम विश्व युद्ध के बाद किस अंतरराष्ट्रीय संस्था की स्थापना हुई?


A. संयुक्त राष्ट्र

B. राष्ट्र संघ

C. नाटो

D. यूनेस्को


✔ सही उत्तर: B



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1️⃣1️⃣ प्रथम विश्व युद्ध का समापन किस वर्ष हुआ?


A. 1916

B. 1917

C. 1918

D. 1919


✔ सही उत्तर: C



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1️⃣2️⃣ निम्न में से कौन-सा साम्राज्य प्रथम विश्व युद्ध के बाद समाप्त हो गया?


A. ब्रिटिश साम्राज्य

B. फ्रांसीसी साम्राज्य

C. ऑटोमन साम्राज्य

D. अमेरिकी साम्राज्य


✔ सही उत्तर: C



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1️⃣3️⃣ प्रथम विश्व युद्ध के प्रमुख कारणों में शामिल नहीं है—


A. राष्ट्रवाद

B. सैन्यवाद

C. गुटबंदी

D. औद्योगीकरण


✔ सही उत्तर: D



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1️⃣4️⃣ प्रथम विश्व युद्ध में सबसे पहले युद्ध की घोषणा किस देश ने की?


A. जर्मनी

B. ऑस्ट्रिया-हंगरी

C. रूस

D. फ्रांस


✔ सही उत्तर: B



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1️⃣5️⃣ प्रथम विश्व युद्ध का मुख्य प्रभाव क्या था?


A. वैश्विक शांति

B. औपनिवेशिक विस्तार

C. द्वितीय विश्व युद्ध की नींव

D. राष्ट्र संघ की विफलता


✔ सही उत्तर: C



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✅ रिविज़न टिप (Exam Booster)


👉 MCQ में वर्ष, संधि, गुट और तात्कालिक कारण पर विशेष ध्यान दें।

👉 पहले कारण, फिर परिणाम याद करें—उत्तर जल्दी मिलेगा।


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